भोपाल। टीईटी की अनिवार्यता सहित तीन मांगों को लेकर शिक्षकों का विरोध अब सड़क पर नजर आने लगा है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने रविवार से भोपाल के नीलम पार्क में बेमुद्दत धरना शुरू कर दिया। समाचार के अनुसार, मोर्चे ने धरने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। मोर्चा संयोजक एवं राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने इसे क्रमिक धरना बताया है।
जगदीश यादव के अनुसार, शिक्षक रोज शाम 5 बजे तक नीलम पार्क में बैठेंगे और मांगों के ठोस निराकरण तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि मोर्चे की लड़ाई मुख्य रूप से तीन मुद्दों को लेकर है। इनमें लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना, प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि व वरिष्ठता की गणना करना तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था को ऐच्छिक करना शामिल है।
मोर्चे से जुड़े शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीईटी लागू करना व्यावहारिक नहीं है। शिक्षकों के मुताबिक, वे लंबे समय से विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, ऐसे में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर उनका विरोध है। मांगों के समाधान के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करने और केंद्र सरकार को भेजने की मांग भी की गई है।
धरने में रखी गई दूसरी प्रमुख मांग सेवा अवधि और वरिष्ठता से जुड़ी है। शिक्षकों का कहना है कि सेवा की गणना पहली नियुक्ति की तारीख से की जानी चाहिए। इसके पीछे उनका तर्क है कि सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण, पेंशन सहित अन्य लाभों की गणना वास्तविक सेवा अवधि के आधार पर होनी चाहिए।
तीसरी मांग ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर है। मोर्चे के अनुसार, स्कूल के अलावा विभागीय और अन्य शासकीय दायित्व भी शिक्षकों को निभाने पड़ते हैं। ऐसे में ई-अटेंडेंस में व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। मोर्चा चाहता है कि ई-अटेंडेंस को अनिवार्य करने के बजाय ऐच्छिक किया जाए।
मोर्चा पदाधिकारियों के अनुसार, इन मांगों को लेकर शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों से कई बार चर्चा और संवाद किया जा चुका है तथा ज्ञापन भी दिए गए हैं। इसके बावजूद ठोस निर्णय सामने नहीं आने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया गया। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के उपाध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने भी शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही है।
नीलम पार्क में रविवार को भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के शिक्षक धरने पर बैठे। आंदोलनकारियों ने मांगों के निराकरण तक धरना जारी रखने की बात कही है।

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