रविवार को इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले व्यक्ति के संबंध में बताया गया कि उग्रवादियों ने कथित तौर पर घरों में घुसकर सो रहे लोगों को निशाना बनाया। घटना ऐसे समय हुई जब यूनाइटेड नगा काउंसिल ने नेशनल हाईवे पर चार महीने से जारी आर्थिक नाकेबंदी को निलंबित करने का फैसला किया था। इससे पहले कांगपोकपी में उग्रवादियों ने चार नगा लोगों की हत्या कर दी थी। इन हत्याओं के विरोध में सोमवार को सेनापति में पूर्ण बंद रखने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
लगातार हुई हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने भी स्थिति को लेकर पहल की है। समाचार के मुताबिक, नगा-कुकी के बीच बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पहले कदम उठाए हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों की मौजूदगी में शनिवार को गुवाहाटी में बैठक हुई। रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के बाद नगा संगठनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जारी आर्थिक नाकेबंदी हटाने का फैसला किया।
आर्थिक नाकेबंदी हटने का फैसला ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में हिंसा की घटनाओं के कारण तनाव बना हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि यूनाइटेड नगा काउंसिल ने नेशनल हाईवे पर चार महीने से आर्थिक नाकेबंदी जारी रखी थी। नाकेबंदी हटाने का निर्णय केंद्र की पहल के बाद लिया गया।
सेनापति जिले में हुई ताजा घटना के बाद सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। चाउवाईनामाई गांव में हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ने की बात रिपोर्ट में कही गई है। वहीं, इससे पहले कांगपोकपी में चार नगा लोगों की हत्या की घटना भी सामने आई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, लगातार हुई हत्याओं के विरोध में सेनापति में बंद का आह्वान किया गया है। इस बीच केंद्र सरकार की पहल के बाद आर्थिक नाकेबंदी हटाने का फैसला तनाव कम करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है। हालांकि, हिंसा की ताजा घटनाओं के कारण क्षेत्र में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
फिलहाल रिपोर्ट में बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आगे हिंसा की घटनाओं को रोकने की चुनौती बनी हुई है।

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