नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में इंडिया गठबंधन के नेताओं का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्षी दलों के कई सांसद और नेता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।

जानकारी के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने पहले लंच बैठक की। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व अन्य सांसद बसों में सवार होकर जंतर-मंतर की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें करीब एक किलोमीटर पहले ही रोक लिया। इसके बाद नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और काफी देर तक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कांग्रेस के अनुसार, प्रियंका गांधी को महिला पुलिसकर्मियों ने वहां से हटाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद शाम करीब 6 बजे पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया।

राहुल गांधी ने प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर कहा कि उनके लिए यह किसी मेडल से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।

कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया था, जिसके चलते कार्रवाई की गई।

कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने के संकेत दिए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर सरकार और निर्वाचन आयोग को जवाब देना चाहिए।