भोपाल। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को भोपाल में आयोजित UCC विरोधी जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और भाजपा शासित राज्यों में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को UCC के दायरे में शामिल किए जाने और आदिवासी समुदाय को इससे बाहर रखने को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
ओवैसी ने कहा कि देश की अलग-अलग धार्मिक और सामाजिक परंपराओं को ध्यान में रखे बिना एक समान कानून लागू करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अपने भाषण में संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लेख करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता और समानता से जुड़े अधिकारों की बात रखी।
उत्तराखंड मॉडल का भी किया जिक्र
ओवैसी ने उत्तराखंड में लागू किए गए UCC मॉडल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसी तरह की व्यवस्था को गुजरात, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार समान नागरिक संहिता को समान कानून के रूप में देखती है, तो अलग-अलग समुदायों और आदिवासी समाज के लिए अलग-अलग प्रावधान क्यों रखे जा रहे हैं। यह उनके भाषण में व्यक्त किया गया राजनीतिक तर्क है।
उन्होंने मुस्लिम विवाह, तलाक और विरासत से जुड़े व्यक्तिगत कानूनों का मुद्दा भी उठाया। ओवैसी ने UCC के प्रावधानों को लेकर आशंका जताई कि इससे मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़ी मौजूदा व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।
रामेश्वर शर्मा के बयान पर तीखा पलटवार
भोपाल की सभा में ओवैसी ने भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें काजी कैंप पर मिसाइल गिराने की बात कही गई थी। ओवैसी ने मंच से इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी और शर्मा को काजी कैंप आकर अपनी बात साबित करने की चुनौती दी।
वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार रामेश्वर शर्मा ने विवाद के बाद अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा था कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की ओर नहीं, बल्कि पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप की ओर था।
भोपाल में UCC को लेकर पहले भी सामने आया विरोध
UCC को लेकर भोपाल में मुस्लिम संगठनों की ओर से पहले भी विरोध दर्ज कराया गया है। अगस्त 2026 में शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने सरकार से UCC वापस लेने अथवा मुस्लिम समुदाय को इसके दायरे से बाहर रखने की मांग की थी।
ओवैसी की भोपाल सभा के बाद UCC, धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानूनों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। इस पूरे मामले में अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें सामने आ रही हैं।

आपकी राय