सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में 25 अगस्त को निकलने वाली भव्य कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने भोपाल-इंदौर मार्ग पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से 25 अगस्त की रात 12 बजे तक भोपाल-इंदौर हाईवे पर डायवर्जन लागू रहेगा।
कांवड़ यात्रा सीवन नदी तट से कुबेरेश्वर धाम तक करीब 11 किलोमीटर की होगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। रिपोर्टों के मुताबिक कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी 25 अगस्त को सीवन नदी से जल लेकर कांवड़ यात्रा में पैदल शामिल होंगे। यात्रा सुबह करीब 9 बजे शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
तीन दिन रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही और हाईवे पर जाम की स्थिति से बचने के लिए छोटे तथा भारी वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं।
भारी वाहनों के लिए भोपाल से इंदौर की ओर जाने वाला मार्ग:
भोपाल की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मुबारकपुर जोड़ और तुमड़ा जोड़ से डायवर्ट किया जाएगा। इसके बाद वाहन श्यामपुर–कुरावर–ब्यावरा–शाजापुर–मक्सी होते हुए देवास और इंदौर की ओर जा सकेंगे।
इंदौर और देवास की तरफ से भोपाल आने वाले भारी वाहनों को भी मक्सी–शाजापुर–ब्यावरा–कुरावर–श्यामपुर मार्ग से भोपाल की ओर भेजा जाएगा। इस डायवर्जन के कारण भारी वाहनों को सामान्य मार्ग की तुलना में करीब 80 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
छोटे और यात्री वाहनों के लिए अलग रास्ता
भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन या इंदौर की ओर जाने वाले छोटे एवं यात्री वाहनों को सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहे से भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए अमलाहा के रास्ते आष्टा की ओर भेजा जाएगा।
वहीं इंदौर, उज्जैन और देवास से भोपाल की ओर आने वाले छोटे एवं यात्री वाहन आष्टा–अमलाहा–भाऊखेड़ी जोड़–न्यू क्रिसेंट चौराहा होते हुए भोपाल पहुंच सकेंगे। इस वैकल्पिक मार्ग से छोटे वाहनों को करीब 9 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
25 अगस्त को निकलेगी 11 किमी लंबी कांवड़ यात्रा
कांवड़ यात्रा सीवन नदी तट से शुरू होकर कुबेरेश्वर धाम तक जाएगी। यात्रा की दूरी करीब 11 किलोमीटर है। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर पैदल चलेंगे। पंडित प्रदीप मिश्रा के भी स्वयं कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 200 से अधिक सेवा केंद्र बनाए जाने की बात कही गई है, जहां पेयजल, फलाहार, चाय और प्रसादी जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी।
सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात
श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की है। रिपोर्ट के अनुसार 24 और 25 अगस्त को करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें दूसरे जिलों से बुलाया गया पुलिस बल भी शामिल होगा। इसके अलावा कुबेरेश्वर धाम समिति के करीब 600 स्वयंसेवक प्रशासन की मदद करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं की भी व्यवस्था
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। यहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी। कुबेरेश्वर धाम में अस्थायी अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां की हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
23 से 25 अगस्त के बीच भोपाल, सीहोर, आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर के बीच यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले अपना रूट जरूर देख लेना चाहिए। खासकर भारी वाहन चालकों को लगभग 80 किलोमीटर तक अतिरिक्त सफर और अधिक समय लगने की संभावना को ध्यान में रखकर यात्रा की योजना बनानी होगी।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि डायवर्जन के दौरान निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें और मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। यात्रा के दौरान भीड़ की स्थिति के अनुसार स्थानीय स्तर पर अतिरिक्त बदलाव भी किए जा सकते हैं।
कब से कब तक डायवर्जन: 23 अगस्त सुबह 6 बजे से 25 अगस्त रात 12 बजे तक
मुख्य आयोजन: 25 अगस्त
कांवड़ यात्रा: सीवन नदी तट से कुबेरेश्वर धाम
दूरी: करीब 11 किलोमीटर
भारी वाहनों का अतिरिक्त सफर: करीब 80 किलोमीटर तक
छोटे वाहनों का अतिरिक्त सफर: करीब 9 किलोमीटर तक
मुख्य प्रभावित मार्ग: भोपाल–सीहोर–आष्टा–देवास–इंदौर मार्ग

आपकी राय