गुजरात: सूरत के मानव सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित मूक-बधिर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं से कथित मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। छात्रावास में रहने वाली 15 बच्चियों ने वॉर्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वॉर्डन को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, छात्रावास में कुल 27 छात्र और 15 छात्राएं रहकर पढ़ाई करती हैं। आरोप है कि पिछले करीब 6-7 महीनों से वॉर्डन छात्राओं के साथ कथित तौर पर मारपीट करती थी। छात्राओं ने बताया कि उन्हें पीटा जाता था और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

छात्राओं से उनकी बात समझने के लिए सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ की मदद ली गई। इसके बाद बच्चियों ने इशारों के माध्यम से कथित मारपीट और प्रताड़ना की जानकारी अधिकारियों को दी। मामले में पुलिस ने वॉर्डन को गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी कि वह बाहर निकलने के बाद छात्राओं को देख लेगी।

मामले में छात्रावास के अधीक्षक के पति और एक कर्मचारी पर भी छेड़छाड़ से संबंधित शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन अब छात्रावास की व्यवस्था और वहां रहने वाली बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहा है।

छात्रावास को राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक दिव्यांग बच्चे के लिए हर महीने 2,500 रुपये का अनुदान दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा दानदाताओं से भी आर्थिक सहायता मिलने की बात कही गई है। आरोप है कि बच्चों को खाने में कथित तौर पर डेढ़ रोटी दी जाती थी और सड़े हुए अनाज के इस्तेमाल की शिकायत भी सामने आई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए गांधीनगर की विशेष टीम ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा छात्राओं के बयान और छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही सामने आए आरोपों की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।