भोपाल। एमपी नगर इलाके में इनकम टैक्स विभाग के ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को बैंक के फीडबैक विभाग का कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। इसके बाद पीड़ित को एक फर्जी वेबसाइट पर कार्ड और निजी जानकारी भरने के लिए कहा गया। जानकारी साझा करने के बाद क्रेडिट कार्ड से ₹43,800 का ट्रांजेक्शन कर लिया गया।

जानकारी के मुताबिक, एमपी नगर इलाके में इनकम टैक्स विभाग के ऑफिस सुपरिंटेंडेंट को जालसाजों ने फोन किया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक के फीडबैक विभाग का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की बात कही। जालसाज ने कार्ड की लिमिट ₹80 हजार से बढ़ाकर ₹1.60 लाख करने का झांसा दिया।

इसके बाद जालसाजों ने पीड़ित को एक फर्जी वेबसाइट पर जाकर क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भरने के लिए कहा। पीड़ित ने वेबसाइट पर मांगी गई जानकारी दर्ज कर दी। इसके कुछ समय बाद क्रेडिट कार्ड से ₹43,800 का ट्रांजेक्शन कर दिया गया।

फर्जी वेबसाइट के जरिए बनाया शिकार

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने बैंक के फीडबैक विभाग का कर्मचारी बनकर विश्वास हासिल किया और फिर फर्जी वेबसाइट के माध्यम से कार्ड संबंधी निजी जानकारी हासिल की।

एमपी नगर पुलिस के मुताबिक मामला खजूरीकलां निवासी नितिन जाधव (36) से जुड़ा है, जो इनकम टैक्स एरिया हिल्स स्थित कार्यालय में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के पद पर पदस्थ हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े विवरणों की पड़ताल की जा रही है।

OTP और कार्ड डिटेल को लेकर रहें सतर्क

इस घटना से एक बार फिर ऑनलाइन बैंकिंग और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने की जरूरत सामने आती है। बैंक कर्मचारी बनकर फोन करने वाले किसी व्यक्ति को कार्ड नंबर, CVV, OTP या अन्य निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए। किसी अनजान लिंक या वेबसाइट पर भी बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।