पटना/समस्तीपुर। बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की से बदसलूकी की घटना के कुछ दिनों बाद अब समस्तीपुर से भी इसी तरह का मामला सामने आया है। समस्तीपुर में सड़क किनारे एक नाबालिग लड़की के साथ कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर बदसलूकी किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बताया जा रहा है कि घटना समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में बूढ़ी गंडक नदी के बाइपास बांध के पास की है। वायरल वीडियो में कुछ युवक एक लड़की को घेरते और उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार लड़की युवकों से उसे छोड़ने की बात कहती नजर आती है। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान
रिपोर्ट के मुताबिक समस्तीपुर पुलिस को घटना की जानकारी 23 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे मिली। इसके बाद पुलिस ने कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना प्रतीत होता है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
जमुई की घटना के बाद फिर उठा महिला सुरक्षा का सवाल
समस्तीपुर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पहले बिहार के जमुई जिले में भी एक नाबालिग लड़की के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया था। उस मामले में भी घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की थी। समस्तीपुर की घटना के बाद राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
घटना को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हुई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए। वहीं बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अमेरिका और जापान जैसे देशों में भी होती हैं और सरकार की ओर से कार्रवाई की गति को भी देखा जाना चाहिए। ये राजनीतिक नेताओं के सार्वजनिक रूप से दिए गए बयान हैं।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। नाबालिग पीड़िता की पहचान और निजी जानकारी को सार्वजनिक न करना कानूनन और नैतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
समस्तीपुर की घटना ने सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले आपत्तिजनक वीडियो को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी पीड़ित की पहचान उजागर करने या घटना से जुड़े संवेदनशील वीडियो को आगे प्रसारित करने के बजाय ऐसे मामलों की सूचना सीधे पुलिस को देना जरूरी है।

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