भोपाल | अवधपुरी। न्यू श्रीराम परिसर फेज-3 में 70 वर्षीय बुजुर्ग मोहन चौधरी के घर दिनदहाड़े हुई लूट और हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने केयरटेकर महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि घर की गतिविधियों से परिचित केयरटेकर ने ही लूट की योजना तैयार की थी। उसने अपने साथियों को बताया था कि बुजुर्ग के घर में काफी माल हो सकता है।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे तीन नकाबपोश बदमाश बाइक से न्यू श्रीराम परिसर फेज-3 पहुंचे। उस समय 70 वर्षीय मोहन चौधरी घर में मौजूद थे। उनकी पत्नी कमला चौधरी और महिला केयरटेकर भी घर पर थीं। बदमाशों ने मोहन चौधरी को काबू करने की कोशिश की। विरोध करने पर उनके सिर पर कई वार किए गए।

बदमाशों ने मोहन की पत्नी कमला के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर टेप लगा दिया। केयरटेकर के भी हाथ बांध दिए गए। हमले में मोहन गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे तो बदमाश घबरा गए और भागने लगे। पुलिस का सायरन सुनकर आरोपी मकान की ओर से दूसरी तरफ भाग गए। हालांकि, वे घर से कोई सामान नहीं ले जा सके और मेन गेट का ताला तोड़कर फरार होने की कोशिश की।

15 दिन पहले बनाई थी लूट की योजना

पुलिस की जांच में केयरटेकर समीक्षा श्रीवास्तव की भूमिका संदिग्ध सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक समीक्षा 7 सितंबर को मोहन के यहां केयरटेकर बनकर आई थी। इसी दौरान उसकी पहचान आमिर शाह की बहन से हुई और आमिर के जरिए वह रवि और विष्णु के संपर्क में आई।

बताया गया कि करीब 15 दिन पहले समीक्षा ने आमिर के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। उसने बताया था कि मोहन के घर में काफी माल हो सकता है। दोनों ने कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए योजना पर बात की। समीक्षा ने कथित तौर पर साथियों को बेहोशी की गोलियां और टेप लाने को कहा था। योजना के अनुसार परिवार को खाने में गोलियां मिलाकर बेहोश करने की बात थी।

साथी ने खुद को लूट का पीड़ित बताया

मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में कई अहम सुराग मिले। रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती जांच में समीक्षा की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने पूछताछ की, जिसके बाद अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी मिली।

पुलिस ने मामले में हरदा निवासी 21 वर्षीय आमिर शाह, इंदौर निवासी 20 वर्षीय रवि यादव और रायसेन निवासी 24 वर्षीय विष्णु गौड़ को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों की योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना के पीछे वास्तविक मकसद क्या था। मामले में CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।