मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से संचालित होने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में 1 अक्टूबर 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। एयरलाइंस की करीब एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय यात्री और कार्गो उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट किया जाएगा। इस बदलाव के बाद मुंबई के मौजूदा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उड़ानों का दबाव कम होने की उम्मीद है।

अदाणी समूह के स्वामित्व वाले मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड से जुड़े इस निर्णय का इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) ने विरोध किया है। आईएटीए 120 देशों की 370 से अधिक एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन ने नागरिक विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

आईएटीए ने नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उपलब्ध सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, नए एयरपोर्ट पर फिलहाल पर्याप्त ग्राउंड हैंडलिंग, मेंटेनेंस और क्रू ट्रांसपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। आईएटीए का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्रियों के लिए ग्राउंड स्तर की सुविधाएं महत्वपूर्ण होती हैं और इनमें कमी से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

खबर के अनुसार, नवी मुंबई एयरपोर्ट पर फिलहाल एक टर्मिनल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जाना है। ऐसे में उड़ानों को स्थानांतरित करने से पहले आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर एयरलाइंस की ओर से चिंता जताई गई है।

मुंबई में अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात के संचालन में होने वाला यह बदलाव यात्रियों और एयरलाइंस दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। खास तौर पर उन यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले एयरपोर्ट और उड़ान से जुड़ी जानकारी की पुष्टि करनी होगी, जिनकी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इस बदलाव के दायरे में आती हैं।

आईएटीए ने नागरिक विमानन मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप कर एयरलाइंस और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।