भोपाल। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण मेडिकल शिक्षा प्रभावित होने के बीच भोपाल के एक छात्र ने विदेशी मेडिकल छात्रों के लिए अनिवार्य इंटर्नशिप की शर्त को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले में हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार, भोपाल निवासी अनुप कोटा ने NEET-2021 में सफलता हासिल करने के बाद यूक्रेन की खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। उन्होंने नवंबर 2021 में फीस जमा की थी। इसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 18 नवंबर 2021 को नया रेगुलेशन लागू किया।
क्या है विवाद
याचिका में बताया गया है कि नए नियमों के अनुसार विदेश से एमबीबीएस करने वाले विद्यार्थियों को संबंधित विदेशी कॉलेज से 12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करनी होगी। इसके बाद ही वे भारत में स्क्रीनिंग टेस्ट और अन्य निर्धारित प्रक्रिया के लिए पात्र होंगे।
छात्र का तर्क है कि उसने नए नियम लागू होने से पहले ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली थी। याचिका में मांग की गई है कि उसके मामले में पुराने नियम लागू किए जाएं, क्योंकि बाद में लागू हुए नियमों के कारण युद्ध जैसी परिस्थितियों में उसकी पढ़ाई और इंटर्नशिप प्रभावित हुई।
हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अब आगे की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि याचिकाकर्ता की मांग और इंटर्नशिप से जुड़े नियमों पर अदालत क्या निर्णय लेती है।

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