भोपाल। पितृपक्ष केवल पूर्वजों के स्मरण और तर्पण का समय नहीं है, बल्कि सेवा और परोपकार के जरिए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी अवसर माना जाता है। इसी भावना के तहत माता महालक्ष्मी अन्नक्षेत्र की ओर से पितृपक्ष के दौरान सेवा अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

संस्था की ओर से बताया गया कि पितृपक्ष के दौरान जरूरतमंद लोगों की सेवा को प्राथमिकता देते हुए भोजन वितरण का यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके साथ रहने वाले परिजनों को भोजन उपलब्ध कराकर उनकी मदद करना है।

रोज सुबह 9 बजे होगा भोजन वितरण

संस्था के मोहन अग्रवाल ने बताया कि माता महालक्ष्मी अन्नक्षेत्र द्वारा हमीदिया अस्पताल में प्रतिदिन सुबह 9 बजे मरीजों और उनके तीमारदारों को नि:शुल्क भोजन वितरित किया जाएगा।

अस्पताल में दूर-दराज से आने वाले कई मरीजों के साथ उनके परिजन भी लंबे समय तक रुकते हैं। ऐसे में भोजन की व्यवस्था उनके लिए एक बड़ी जरूरत होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पितृपक्ष के दौरान नियमित भोजन सेवा शुरू की गई है।

सेवा के साथ गोसेवा और ब्राह्मण सेवा भी

इस अभियान को केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं रखा गया है। माता महालक्ष्मी अन्नक्षेत्र की ओर से पितृपक्ष में सेवा के कई आयाम निर्धारित किए गए हैं।

गोसेवा: गाय माता के लिए नियमित गो ग्रास की व्यवस्था की जाएगी।

ब्राह्मण सेवा: पितरों की शांति के निमित्त ब्राह्मण भोजन कराया जाएगा।

मानव सेवा: हमीदिया अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए भोजन-प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी।

मंदिर सेवा: स्थानीय मंदिरों में भगवान की सेवा और प्रसादी वितरण भी किया जाएगा।

फल और मिठाई का भी होगा वितरण

संस्था की ओर से आने वाले दिनों में इस सेवा अभियान को और व्यापक बनाने की तैयारी है। मरीजों और उनके परिजनों को भोजन के साथ फल और मिठाई का वितरण भी किया जाएगा। संस्था का उद्देश्य है कि जरूरतमंद लोगों तक सेवा का लाभ पहुंचाया जा सके और पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों की स्मृति में अधिक से अधिक सेवा कार्य किए जाएं।

जरूरतमंदों तक पहुंचेगी सेवा

अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए नियमित भोजन की व्यवस्था कई बार चुनौती बन जाती है। ऐसे में नि:शुल्क भोजन सेवा से उन्हें राहत मिल सकती है। संस्था की ओर से इसे सेवा और परोपकार से जुड़ा अभियान बताया गया है।

माता महालक्ष्मी अन्नक्षेत्र की यह पहल पितृपक्ष के दौरान मानव सेवा, गोसेवा, ब्राह्मण सेवा और मंदिर सेवा को एक साथ जोड़ते हुए आगे बढ़ाई जा रही है।