भोपाल के कोलार रोड इलाके में पुलिस और औषधि विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशे के इस्तेमाल में लाई जाने वाली 1454 प्रतिबंधित टैबलेट-कैप्सूल जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक युवक को पकड़ा, जबकि दो मेडिकल स्टोर से बड़ी मात्रा में ऐसी दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचे जाने की बात सामने आई है। मामले में दोनों मेडिकल स्टोर को सील कर खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

पुलिस के अनुसार कोलार रोड इलाके में एक युवक से पूछताछ के बाद उसके बताए ठिकाने पर मेडिकल स्टोर में छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान कुल 1454 प्रतिबंधित टैबलेट-कैप्सूल बरामद किए गए। इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक कार्रवाई में युवक और उसके बताए ठिकाने से 214 प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं, जबकि दो मेडिकल स्टोर से 1240 दवाएं मिलीं।

थाना प्रभारी संजय सोनी के मुताबिक 29 सितंबर की रात पुलिस ने कार्रवाई की। युवक के पास नशे में इस्तेमाल होने वाली दो कैप्सूल मिलने के बाद उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अपने दोस्त निशांत चौहान और फिर निशांत के भाई संतोष सिंह चौहान का पता बताया। इसके बाद पुलिस ने फंदा क्षेत्र स्थित उनके घर से 184 कैप्सूल और नींद की 30 गोलियां बरामद कीं।

पूछताछ में संतोष ने पुलिस को बताया कि वह प्रतिबंधित दवाएं बरखेड़ी स्थित आयुष मेडिकल और अन्ना नगर के राज मेडिकल से खरीदता था। इसके बाद पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने दोनों मेडिकल स्टोर की जांच की। कार्रवाई के दौरान आयुष मेडिकल से 696 और राज मेडिकल से 544 प्रतिबंधित टैबलेट-कैप्सूल जब्त किए गए।

जांच में इन मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की पर्ची के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद औषधि विभाग ने दोनों मेडिकल स्टोर को सील कर दिया और दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है।

ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार मामले की जांच पूरी होने तक दोनों मेडिकल स्टोर से दवाओं की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कहां से हो रही थी और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जा रहा था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।