घटना के समय उनके साथ मौजूद दोस्त ने उन्हें बचाने की कोशिश की। पुलिस भी मौके पर पहुंची और सीपीआर दिया। इसके बाद दिव्यऋषि को नर्मदा अस्पताल ले जाया गया, जहां एक्स-रे किया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद सामने आया कि इस कट पॉइंट पर पिछले तीन-चार दिनों से लोगों को करंट के झटके लग रहे थे। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां से रोज सैकड़ों लोग सड़क पार करते हैं। आसपास के दुकानदारों का भी कहना है कि डिवाइडर से सरिया बाहर निकला हुआ है और यहां से गुजरने वाले लोगों को कुछ दिनों से झटके महसूस हो रहे थे।
एमपी नगर थाना प्रभारी जय हिंद शर्मा के मुताबिक, इससे पहले भी सात से ज्यादा लोगों को यहां हल्का करंट लग चुका था। इसकी शिकायत भी की गई थी। हालांकि, इसके बावजूद समस्या दूर नहीं हुई। हादसे के बाद पुलिस ने कट पॉइंट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोक दी और मामले की जांच शुरू कर दी है।
समाचार के अनुसार, हादसे वाले स्थान पर डिवाइडर के पास बिजली के खंभे और स्ट्रीट लाइट से जुड़े हिस्से को लेकर भी सवाल उठे हैं। मौके की तस्वीरों में बिजली के खंभे के आसपास तार दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता सामने आई है, क्योंकि यह स्थान लगातार लोगों की आवाजाही वाला क्षेत्र बताया गया है।
मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी ने हादसे वाली स्ट्रीट लाइट को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताया है। रिपोर्ट में कंपनी के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पीएस चौहान और साउथ डिवीजन के डीजीएम आरके त्रिपाठी के हवाले से बताया गया है कि खंभा पीडब्ल्यूडी और स्मार्ट सिटी के क्षेत्राधिकार में आता है तथा इसका मेंटेनेंस भी संबंधित एजेंसी करती है।
दिव्यऋषि तिवारी के पिता एडवोकेट आनंद तिवारी पत्रकार कॉलोनी में रहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिव्यऋषि का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर 2 बजे भदभदा विश्राम घाट पर किया जाएगा।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, करंट की शिकायतों के बावजूद समस्या दूर नहीं होने को लेकर संबंधित व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

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