भोपाल। मध्य प्रदेश में अब महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल केंद्रीय जेल में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसी क्रम में महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था शुरू करने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य पात्र बंदियों को सुधार और पुनर्वास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

खुली जेल में पात्र बंदियों को सामान्य जेल की तुलना में अधिक स्वतंत्र वातावरण मिलता है। वे निर्धारित नियमों के तहत काम कर सकते हैं और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का लाभ सभी महिला बंदियों को नहीं मिलेगा। इसके लिए निर्धारित पात्रता और नियमों के आधार पर बंदियों का चयन किया जाएगा।

जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पात्र बंदियों की सजा में एक महीने की छूट देने की भी घोषणा की। इसके अलावा भोपाल केंद्रीय जेल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने की बात भी कही गई। जेलों में बंदियों के कौशल विकास, योग और ध्यान जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

महिला बंदियों के लिए खुली जेल की व्यवस्था लागू होने से उनके पुनर्वास और परिवार व समाज से दोबारा जुड़ने की प्रक्रिया को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।