खरीफ सीजन 2026-27 में किसानों को खाद वितरण और कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने में Farmer ID की अहम भूमिका
भोपाल। खरीफ सीजन 2026-27 को देखते हुए किसानों की Farmer ID बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए करीब 27 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर किसानों की Farmer ID तैयार कराने की योजना है। अभियान के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी गांवों में पहुंचकर किसानों को Farmer ID बनवाने के लिए जागरूक करेंगे और आवश्यक प्रक्रिया में सहायता करेंगे।
मध्य प्रदेश में उर्वरक वितरण की व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए e-Vikas प्रणाली लागू की गई है। राज्य के कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, उर्वरक वितरण को किसानों की भूमि और फसल की आवश्यकता के आधार पर व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है। पोर्टल पर सभी किसानों से AgriStack के माध्यम से Farmer ID बनवाने का अनुरोध भी किया गया है।
खाद वितरण में Farmer ID की अहम भूमिका
Farmer ID किसानों के डिजिटल कृषि रिकॉर्ड से जुड़ी है और e-Vikas जैसी व्यवस्थाओं में इसका उपयोग किसान की पहचान तथा भूमि और फसल संबंधी जानकारी को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, Farmer ID नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि हर किसान को खाद से पूरी तरह वंचित कर दिया जाएगा। सरकारी व्यवस्था में ऐसे किसानों के लिए भी अलग प्रावधान किए गए हैं, जिनकी भूमि का विवरण AgriStack पर उपलब्ध नहीं है। सिकमी/बटाईदार, वन पट्टाधारी तथा कुछ अन्य श्रेणी के किसानों के लिए भी उर्वरक प्राप्त करने की व्यवस्था बताई गई है।
e-Token से खाद वितरण
मध्य प्रदेश में किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए e-Vikas पोर्टल के माध्यम से e-Token व्यवस्था भी लागू है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, किसान स्वयं स्मार्टफोन से e-Token बुक कर सकता है। जिन किसानों के पास स्मार्टफोन नहीं है या जो खुद e-Token बुक नहीं कर सकते, उनके लिए सहकारी समितियों, विपणन संघ और उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। e-Token के लिए किसान से कोई शुल्क नहीं लिया जाता और इसकी वैधता तीन दिन बताई गई है।
चार विभागों को दी गई जिम्मेदारी
राजस्व विभाग: ग्राम पंचायत स्तर पर जिन किसानों की Farmer ID नहीं बनी है, उनकी पहचान कर सूची तैयार करने और शिविरों के माध्यम से Farmer ID बनवाने में सहयोग की जिम्मेदारी।
सहकारिता विभाग: सहकारी समितियों से जुड़े किसानों की Farmer ID बनाने में सहयोग तथा किसानों को कृषि ऋण और अन्य संबंधित सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग: ग्राम पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन और किसानों के बीच Farmer ID तथा डिजिटल कृषि सेवाओं को लेकर प्रचार-प्रसार करना।
कृषि विकास विभाग: विभागीय अमले को आवश्यक प्रशिक्षण देना और किसानों को Farmer ID, e-Vikas प्रणाली, मृदा परीक्षण तथा संतुलित उर्वरक उपयोग जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी देना।
किसानों से Farmer ID बनवाने की अपील
कृषि विभाग के आधिकारिक e-Vikas पोर्टल पर भी किसानों से AgriStack के माध्यम से Farmer ID बनवाने का अनुरोध किया गया है। खरीफ 2026-27 के लिए उर्वरक e-Token बुकिंग की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है।
ऐसे में किसानों के लिए बेहतर होगा कि वे समय रहते अपनी Farmer ID और संबंधित कृषि रिकॉर्ड की जानकारी अपडेट करा लें, ताकि खरीफ सीजन में उर्वरक वितरण तथा कृषि से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो।



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