भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के तेजी से विकसित हो रहे कटारा हिल्स स्थित स्वर्ण कुंज (अमलतास) क्षेत्र में बदहाल सड़कों को लेकर स्थानीय रहवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र की कई सड़कें कीचड़ और जलभराव से भर गई हैं, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। सड़क की खराब स्थिति से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

इसी समस्या को लेकर रविवार को स्थानीय रहवासियों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने खराब सड़क पर जमा कीचड़ में धान के पौधे लगाकर नगर निगम का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब सड़कें खेत जैसी हो गई हैं, तो उनमें खेती ही कर लेनी चाहिए।


रहवासियों के अनुसार बारिश के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर वाहन फिसलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं स्कूली बच्चों को लेकर आने-जाने वाले वाहनों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में चिंता बनी हुई है। नौकरी, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोग भी प्रतिदिन परेशान हो रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। जबकि कटारा हिल्स तेजी से विकसित होने वाला आवासीय क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था में सुधार की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

रहवासियों ने यह भी कहा कि खराब सड़कों के कारण बरसात के मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे गंभीर स्थिति पैदा होने की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से मांग की है कि क्षेत्र की सड़कों का शीघ्र निर्माण कराया जाए, जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन को और तेज किया जाएगा।